Tuesday, December 26, 2023

पूर्वांचल मत्स्य किसान उत्पादक कंम्पनी लिमिटेड के निदेशक मंडल की प्रथम बैठक 25-12-23

पूर्वांचल मत्स्य किसान उत्पादक कंम्पनी लिमिटेड के 
निदेशक मंडल की प्रथम बैठक 25-12-23

आज दिनांक 25- 12- 2023 को पूर्वांचल मत्स्य किसान उत्पादक कंपनी के निदेशक मंडल की बैठक दोपहर 11 बजे कम्पनी के प्रधान कार्यालय 1391 नियर काली मंदिर सेवराई में आयोजित किया गया |
निदेशक मंडल के आज के बैठक की अध्यक्षता के लिए निदेशक किरण सिंह का प्रस्ताव रखा गया जिसका समर्थन सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से किया |

उपस्थित निदेशक
1-धीरेन्द्र सिंह
2-किरन सिंह
3-बिराट बिक्रम
4-अजय कुमार सिंह
5-छाया कुमारी सिंह
6- जय शंकर सिंह
7-चम्पा देबी
8-सुनील कुमार शर्मा
9-अनुप प्रताप सिंह
10- रमाशंकर सिंह

आमंत्रित अतिथि
श्री कन्हैया सिंह (अध्यक्ष प्रोग्रेसिव रिसर्च आर्गनाईजेशन फार वेलफेयर)

बैठक की कार्य सूची
1-स्वागत एवं परिचय
2-कोरम की पुस्टि

3-लेखा परिक्षक की नियुक्ति
4-मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति
5-कम्पनी का बैक खाता खोलने हेतु प्रस्ताव
6-धन्यबाद ज्ञापन एवं बैठक का समापन 

1-प्रस्ताव संख्या-स्वागत एवं परिचय
सर्वप्रथम आज के बैठक के अध्यक्ष किरन सिंह द्वारा सभी उपस्थित सदस्यों का स्वागत के साथ परिचय करवाया |

2-प्रस्ताव संख्या- कोरम की पुस्टी यह सुनिश्चित करने के पस्चात निदेशको एवं सदस्यों का कोरम पूर्ण है अध्यक्ष द्वारा निदेशक मंडल की बैठक का उद्वेस्य एवं कार्यबॄति से सभी उपस्थित सदस्यों को अवगत कराया गया | 

3-प्रस्ताव संख्या-लेखा परिक्षक की नियुक्ति
अध्यक्ष किरन सिंह ने प्रस्ताव रखा कि कम्पनी अधिनियम 2013 के अंतर्गत 30 दिन के अंदर लेखा परिक्षक की नियुक्ति किया जाना है प्रथम CA की नियुक्ति मेसर्स SN Singh & कम्पनी के न्युक्ति हेतु प्रस्ताव रखा सभी उपस्थित सदस्यो द्वारा सर्वसम्मति से अगले 5 वर्षो के लिए SN Singh & कम्पनी को जिसका पंजीकरण संख्या 005886C को नियुक्त करने के संकल्प पर विचार कर पारित किया गया।

4-प्रस्ताव संख्या- मुख्यकार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति श्री अमितेन्द्र कुमार सिंह के नाम का कम्पनी में CEO के पद पर नियुक्ति करने का अध्यक्ष द्वारा प्रस्तावित किया गया उन्हाने बताया की श्री अमितेन्द्र कुमार सिंह कार्य करने का पिछले तीन वर्षों का अनुभव प्राप्त है। 
प्रस्तुत प्रस्ताव पूर्वॎन्चल मत्स्य किसान उत्पादक कम्पनी का CEO नियुक्त करने का संकल्पित किया गया था जिसका सभी सदस्यों द्वारा समर्थन किया गया  मुख्यकार्यकारी अधिकारी के लिये प्रस्ताव पारित किया गया।

5-प्रस्ताव संख्या- पूर्वॎन्चल मत्स्य किसान उत्पादक कम्पनी का बैंक खाता खोलने हेतु प्रस्ताव-अध्यक्ष महोदय द्वारा कम्पनी का चालू खातॎा बडौदा यू पी बैक Baroda UP Bank शाखा- भदौरा मे खोलने का प्रस्ताव रखा गया खाते में संचालन हेतु धिरेन्द्र सिंह, किरन सिंह, बिराट बिक्रम द्वारा किया जाएगा |
उपरोक्त प्रस्ताव पर विचार विमर्श के पश्चात 
 सभी सदस्यों द्वारा सर्मथन किया गया |

6-प्रस्ताव संख्या-धन्यबाद ज्ञापन एवं बैठक का समापन- अंत मे सभापति महोदय द्वारा उपस्थित सदस्यों को धन्यवाद देते हुए अगली बैठक की संभावित तिथी 21-1-24 को निर्धारित किया गया अन्य कोई एजेंडा न होने के कारण अध्यक्ष महोदय द्वारा बैठक समाप्ति की धोसणा किया गया|

Saturday, December 23, 2023

FPO का मतलब क्या है?


Farmer Production Organization: किसान एकजुट हो जाएं तो क्या कुछ नहीं कर सकते. कृषक एकता से किसानों का मनोबल बढ़ता है. कृषि कार्यों में बेहतर प्रदर्शन करने और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलता है. खेती-किसानी में आ रही चुनौतियों को भी एकजुटता से हल किया जा सकता है. कई बार यही एकजुटता सामाजिक और आर्थिक सहयोग की मिसाल बनती है, इसलिए किसानों को एकजुट करने के लिए किसान उत्पादन संगठन बनाने की कवायद चल रही है. कोरोना महामारी के समय इन किसान उत्पादक संगठनों की सफलता की कहानियों ने अन्य किसानों को प्रेरणा दी. आज कृषि क्षेत्र में बढ़ रही खुशहाली का थोड़ा श्रेय किसान उत्पादक संगठनों को भी दे सकते हैं, जिनसे जुड़कर ना जाने कितने ही किसान अब अपने भविष्य को लेकर थोड़े आशवस्त हो गए हैं.

सरकारी योजनाओं से लेकर मंत्रियों के भाषण में किसान उत्पादक संगठन छाए रहते हैं, लेकिन कृषि एकता की मिसाल बने ये किसान उत्पादक संगठन आखिर हैं क्या, ये कैसे किसानों को स्वावलंबी बनाते हैं, नए किसान कैसे किसान उत्पादक संगठन से जुड़ सकते हैं और ये किसान उत्पादक संगठन किस-किस प्रकार की मदद करते हैं, ये सभी सवाल अभी-भी किसानों के मन में हैं, जिनका जवाब देंगे इस आर्टिकल में.

क्या है किसान उत्पादक संगठन
किसान उत्पादक संगठन यानी Farmers Producer Organization (FPO) कुछ और नहीं, बल्कि किसानों द्वारा बनाया गया एक स्वयं सहायता समूह हैं,जहां किसान ही किसान की मदद करते हैं. इन किसान उत्पादक संगठनों से जुड़कर किसानों को सस्ते दामों पर बीज, खाद, उर्वरक, कीटनाशक, मशीनरी, ग्रीन हाउस, पॉलीहाउस, कृषि तकनीक, मार्केट लिंकेज, ट्रेनिंग, नेटवर्किंग, आर्थिक मदद और तकनीकी सहयोग उपलब्ध करवाया जाता है, ताकि किसान का मनोबल बढ़े और वो खेती में बिना किसी अड़चन के बेहतर प्रदर्शन कर सकें.

कोरोना महामारी के समय जब पूरे देश की अर्थव्यवस्था अस्त-व्यस्त हो चुकी थी, उस समय किसान उत्पादन संगठनों के सहयोग से हजारों-लाखों किसानों ने फसलों के बेहतर दाम हासिल किए. आपदा के दौर में भी खेती-किसानी को जारी रखा. केंद्र सरकार ने किसान उत्पादक संगठनों की ताकत को परखा और किसानों की आय बढ़ाने के लिए 10,000 किसान उत्पादक संगठनों की स्थापना को हरी झंडी दिखाई.

कैसे काम करते हैं किसान उत्पादन संगठन
जैसा कि नाम से ही साफ है कि किसान उत्पादन संगठन पूरी तरह से किसानों का संगठन होता है. इन संगठनों में सदस्य किसान ही एक दूसरे के मदद का जिम्मी उठाते हैं. हर एक किसान उत्पादक संगठन में कम से 10 किसानों का होना अनिवार्य है.

इन संगठनों में हर तबके का किसान होता है. यहां आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग के किसान भी सदस्य बन सकते हैं. लघु और सीमांत किसानों से लेकर बड़े किसानों को भी सदस्यता दी जाती है. ये FPO अपने सदस्य किसानों को आपसी सहयोग से लोन, फसल की बिक्री, पैकेजिंग, ट्रांसपोर्टेशन, मार्केटिंग आदि की सुविधा मुहैया करवाते हैं, ताकि किसान को इधर-उधर चक्कर ना लगाने पडें.

इन किसान उत्पादक संगठनों से जु़कर खुद का एग्री बिजनेस या कस्टम हायरिंग सेंटर भी चालू कर सकते हैं. इन संगठनों में शामिल किसानों को आवश्यकता पड़ने पर आदानों और सेवाओं को रियायती खर्च में उपलब्ध करवाया जाता है, जिससे खेती की लागत कम होती है और किसान को सही मुनाफा कमाने में भी आसानी रहती है.

सरकार दे रही 15 लाख रुपये
केंद्र सरकार की ओर से किसान उत्पादक संगठनों की स्थापना को प्रोत्साहित किया जा रहा है. इसके लिए किसान उत्पादन संगठन योजना भी चलाई जा रही है, जिसके तहत आवेदन करने पर 3 साल तक किसानों के हित में काम करने वाले किसान उत्पादक संगठन को 15 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाती है.

इस योजना का लाभ पाने के लिए पहाड़ी इलाकों में कार्यरत किसान उत्पादक सगंठनों में 100 किसान और मैदानी इलाके वाले किसान उत्पादक सगंठन में कम से कम 300 किसानों का होना अनिवार्य है.

आवेदन के बाद नाबार्ड कंसलटेंसी सर्विसेज लगातार  FPO के कामकाज की निगरानी करती है और इन FPO को रेटिंग देती है. अच्छी रेटिंग वाले किसान उत्पादक  संगठनों के नाम आगे भेजे जाते हैं और इन्हें ही 15 लाख रुपये की सहायता राशि का लाभ मिलता है.

कैसे FPO से  जुड़े
                  किसान उत्पादक संगठन से जुड़ना चाहते हैं तो आप हमारे कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं| 
 पता : 1391, नियर  काली मंदिर सेवराई, जिला - ग़ाज़ीपुर, उ. प्र., 232333. 

*क्षमता संवर्धन एवं एक्सपोजर विजिट (U.A.E.) से लौटने वाले एफ. पी. ओ. के अनुभव साझा हेतु कार्यक्रम* जैसा कि आप अवगत है की यू.पी., बिहार एवं उत्तराखंड के एफ. पी. ओ. के समूह को कृषि निर्यात की उच्चतम जानकारी हेतु अंतरराष्ट्रीय दौरा सुनिश्चित कराया गया है।इसी क्रम को जारी रखते हुए एपीडा 05.03.2024 को कृषि निर्यात को बढ़ावा प्रदान करने हेतु क्षमता संवर्धन कार्यक्रम का आयोजन कर रही है। इस कार्यक्रम में भेजे गए सभी एफ. पी. ओ. द्वारा अनुभव भी साझा किया जाना है। कार्यक्रम का आयोजन*मंडलायुक्त, वाराणसी मंडल - वाराणसी*एवं *चेयरमैन, एपीडा - नई दिल्ली*की उपस्तिथि में होना है। *दिनांक* 05.03.2024*समय* 10:30 से 14:30.*कार्यक्रम स्थान:* आयुक्त सभागार, कचहरी (विकास भवन के सामने) वाराणसी।

*क्षमता संवर्धन एवं एक्सपोजर विजिट (U.A.E.) से लौटने वाले एफ. पी. ओ. के अनुभव साझा हेतु कार्यक्रम*  जैसा कि आप अवगत है की यू.पी., बिहार एवं ...